बिलासपुर कलेक्टर ने मवेशी मालिकों को अपने जानवरों को खुले में न छोड़ने, दुर्घटनाओं से बचने, और किसानों की फसलों की बर्बादी रोकने के लिए निर्देश दिए हैं। खुले में मवेशी छोड़ने पर जुर्माना और कड़ी सजा हो सकती है। इसके अतिरिक्त, पहले 2020 में दम घुटने से हुई गायों की मौतों के मामले में भी कलेक्टर ने जांच समिति गठित की थी।
मुख्य निर्देश और कारण:





- जानवरों को खुला न छोड़ें: कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आदेश दिया है कि कोई भी पशु मालिक अपने मवेशियों को सार्वजनिक सड़कों या स्थानों पर खुला न छोड़ें।
- दुर्घटनाएं और ट्रैफिक बाधाएं: खुले में छोड़ दिए जाने वाले मवेशी सड़कों पर ट्रैफिक जाम करते हैं और दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।
- किसानों की फसलों को नुकसान: आवारा पशु किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिसकी शिकायतें भी सामने आई हैं।
- कठोर दंड: ऐसा करने पर पशु मालिकों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 291 और पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के तहत कड़ी सजा और जुर्माना लगाया जा सकता है।
पिछला घटनाक्रम (2020):
- दम घुटने से मौतों का मामला: 2020 में, बिलासपुर में लगभग 45 गायों की दम घुटने से मौत हो गई थी।
- FIR और जांच: इस घटना के बाद कलेक्टर ने प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करवाई थी और मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन भी किया था।
हालिया पहल:
- अधिकारियों की बैठक: हाल ही में, कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसपी ने आवारा पशु प्रबंधन को लेकर अधिकारियों की बैठक ली और पशु मालिकों को चेतावनी दी।
- सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिबंध: इसके अलावा, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 को लागू कर दिया गया है, जिससे सड़कों पर मवेशी नहीं दिखेंगे।
