हां मैं पत्रकार हू
भृष्टाचारियों को अखरता हूँ
पर मैं किसी से नहीं डरता हूँ
खरीदने की कोशिश की धनवानों ने
सच्चाई पर मरता हूँ
समाज के हर तबके की बगिया की बहार हूँ
हां मैं पत्रकार हूँकुछ पत्रकार धनवान हो गए
कुछ धनवान पत्रकार हो गए
लिखते हैं अब वही जो लिखवाते हैं
इतने क्यों सब लाचार हो गए
पक्ष में लिखूं जब तक तब तक सबका प्यार हूँ
हां मैं पत्रकार हूँ
कुछ पत्रकार धनवान हो गए
कुछ धनवान पत्रकार हो गए
लिखते हैं अब वही जो लिखवाते हैं
इतने क्यों सब लाचार हो गए
पक्ष में लिखूं जब तक तब तक सबका प्यार हूँ
हां मैं पत्रकार हूँ
पत्रकारों की भी आ गई है भरमार
गाड़ी पर भी लिखते हैं पत्रकार
रौब जमाते हैं सभी पर
नेताजी के खास बन गए ठेकेदार
छोटा नहीं अब मैं बड़ा ठेकेदार हूँ
हां मैं पत्रकार हूँ
सारा दिन काम ईमानदारी से करता
मालिकों का विज्ञापनों से फिर भी पेट नहीं भरता
सरकार से विभागों से कमाते हैं बहुत
मेरी तनखाह देने का उनका मन नहीं करता
करता मैं भी विज्ञापन का व्यापार हूँ
हां मैं पत्रकार हूँ
असली ख़बर दब जाती है
बेकार हैडलाइनज़ बन जाती है
सकारात्मकता वाली खबर नहीं छपती
घटिया फ्रंट पेज पर लग कर आती है
इन सब बातों से मैं आहत और लाचार हूँ
हां मैं पत्रकार हूँ
धनवानों ने ही मीडिया चलाना है तो
गरीब आम जनता की आवाज दब जाएगी
पैसे बनाने का ज़रिया बन जायेगा मीडिया
वही छपेगा जो ऊपर से आवाज आएगी
जिस सच्चाई के पीछे लड़ी महाभारत मैं वो दीवार हूँ
हां मैं पत्रकार हूँ
जब तक कलम में दम है मेरी
मैं लिखूंगा हर हाल में
तीखी करो कलम की नोक अपनी
फंसना मत तुम कहीं सत्ता की चाल में
मिटने नहीं दूंगा हस्ती मैं वह करार हूँ
हां मैं पत्रकार हूँ
एस प्रसाद
