स्वदेश टाइम्स :-हमारी सोच में अक्सर यह बैठा दिया जाता है कि सफलता की एक उम्र होती है। लेकिन बॉलीवुड ने बार-बार इस सोच को गलत साबित किया है। कई कलाकारों ने 40 की उम्र के बाद अपने करियर का सबसे मजबूत दौर देखा।
40 के बाद इन कलाकारों की भूमिकाएं बदलीं, लेकिन प्रभाव और गहराई कई गुना बढ़ गई। अब किरदार सिर्फ दिखावे के नहीं रहे, बल्कि अनुभव, आत्मविश्वास और परिपक्वता से भरे हुए बने।
कम फिल्में करने के बावजूद असर बड़ा हुआ। ग्लोबल पहचान, दमदार परफॉर्मेंस और कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा ने यह साबित किया कि उम्र एक सीमा नहीं, बल्कि ताकत बन सकती है।
महिला कलाकारों के लिए भी यह दौर बदलाव लेकर आया। उम्र के साथ उनके किरदार और ज्यादा सशक्त हुए। महिला प्रधान कहानियों ने उन्हें नई पहचान और सम्मान दिलाया।
यह सफलता अचानक नहीं आई। इसके पीछे सालों की मेहनत, खुद पर विश्वास और सही फैसलों का योगदान रहा। 40 के बाद की यह कामयाबी हमें सिखाती है कि जीवन में कभी देर नहीं होती।
