स्वदेश टाइम्स :-*कारखाने की धूल का अवैध परिवहन भारत में गैर कानूनी है और इसके लिए कड़े दंड का प्रावधान है यह पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 और खतरनाक अन्य अपशिष्ट प्रबंधन और सीमा पर आवाजाही नियम 2016 के तहत विनियमित होता है/
*औद्योगिक अपशिष्टों का परिवहन केवल प्राधिकृत ट्रांसपोर्टरो द्वारा उचित लेबलिंग और मेनिफेस्ट दस्तावेज प्रणाली के साथ किया जाता है /
*नियमों का उल्लंघन करने पर 5 साल तक की कैद और 1 लाख₹, तक जुर्बाना हो सकता है साथ ही उल्लंघन जारी रहने पर प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है/
* राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड( एसपीसीबी) या स्थानीय अधिकारियों को अवैध गतिविधियों की सूचना दी जा सकती है/
लेकिन बिल्हा मे इन सारे नियमों एवं कानून को दरकिनार करते हुए कारखाने से निकली धूल का अवैध परिवहन किया जा रहा है, कारखाने से निकली धूल को बिल्हा से गोढ़ि मुख्य सड़क मार्ग के समीप अत्यधिक संग्रहण कर रखा गया है जिसके कारण आने जाने वाले डीएवी स्कूल के छात्र-छात्राओं एवं राहगीरों को सांस लेने में काफी तकलीफें होती हैं/ सड़क दुर्घटना भी हो सकती है क्योंकि सड़क धूल के कारण साफ दिखाई नहीं देता जिनकी शिकायत कई बार बिल्हा एसडीएम से ग्रामीणों द्वारा किया जा चुका है/ अवैध परिवहन के दौरान शुक्रवार की रात्रि लगभग 10 :30बजे के आसपास अवैध परिवहन व लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाते हुए देख हाईवा ट्रक को बिल्हा थाना के सामने बिल्हा प्रेस क्लब अध्यक्ष एस प्रसाद एवं अन्य सहयोगी पत्रकारों के द्वारा रोका गया तो ट्रक के ड्राइवर ने
जानकारी देते हुए विपिन राजपाल का होना बताया और यह भी कहा कि इस कारखाने धूल का प्रयोग बिल्हा में नवनिर्मित अंडर ब्रिज में किया जा रहा है जबकि कारखाने से निकली इस धूल का प्रयोग बिल्हा समीप खदानों को पाटने के लिए लाया जा रहा है, लेकिन खदानों को पाटने के बजाय इस धूल को अनाधिकृत रूप से बेचा जा रहा है / जिसकी शिकायत पर कारखाने की धूल से भरी ट्रक को थाने के
अंदर ले जाकर परिवहन एक्ट के तहत कठोर कार्यवाही की गई / अवैध परिवहन की निरंतरता बनी रही तो आगे खनिज अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही की जाएगी/
