
पिता आदरणीय स्वर्गीय धनुष कुर्रे जी को समर्पित
स्वदेश टाइम्स :-महापुरुष या स्थितप्रज्ञ वही है जो चित्त की स्थिरता को सदैव बनाए रखने में समर्थ है, जिसके मन की शांति और प्रसन्नता उसका साथ कभी भी नहीं छोडती । ईश्वर के प्रेमरस में डूबे हुए महापुरुषों को इस संसार या अन्य संसार के किसी भी पदार्थ की कामना नहीं होती । वे निष्कामता की मूर्ति होते हैं । ऐसे ही एक महान विभूति
स्वर्गीय पं. धनुष कुमार जी का जन्म ग्राम मेड़पार (बाजार) जिला बिलासपुर में हुआ था । जो सुप्रसिद्ध पं. करनूदास जी के द्वितीय पुत्र थे । संभवतः पढने में रुचि नहीं रहा हो , वे कक्षा चौथी तक बिल्हा के प्राथमिक शाला से शिक्षा अर्जित किये,परन्तु वास्तव में वें बड़े ज्ञानी थे । वह अच्छे समृद्ध किसान थे । वे परमपूज्य संत शिरोमणि, सतनाम धर्म के प्रवर्तक बाबा गुरुघासीदास के सिद्धांतों पर चलते थे और लोगों को भी उन सिद्धांतों पर चलने के लिए प्रेरित करते थे । आप वर्ष 1965 में मूल जन्मभूमि ग्राम मेडपार को छोड़कर ग्राम डोड़की की पावन धरा को अपना निवास स्थान बनाएं उस समय ग्राम डोड़की के निवासी, ( ग्रामवासी) बाबा के सिद्धांतों पर चलने के लिए प्रयासरत रहे किंतु कहीं ना कहीं मार्गदर्शन का आभाव रहा, साक्ष्य का अभाव,शायद उस समय सामाजिक कुरीतियों का भी बोल -बाला रहा, कुछ नामजद लोग ही उस समय शिक्षित,पढ़े लिखे रहे / स्वर्गीय पंडित धनुष जी ने लोगों को समझाकर सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का अथक प्रयास किये, शिक्षा पर उन्होंने बल दिया , सामाजिक सुधार के अग्रदूत बने / हिन्दू धर्म ग्रंथों के अलावा गुरुग्रंथ साहेब , बाईबल इत्यादि मे उनकी रूचि रहा । इस प्रकार वे मनखे- मनखे एक सामान के सिद्धांत का पूरी तरह पालन करते हुए इस सिद्धांत को ग्राम डोड़की में प्रतिस्थापित, परिपालन करने में अपना अहम योगदान दिया/
भयंकर आकाल के दिनों में भी कोई उनके घर से भूखा वापस नहीं हुआ । वे बेहद दयालु तथा साधु स्वभाव के थे ।
इनके चार पुत्र व पांच पुत्रियां थी । जेष्ठ पुत्र आदरणीय स्वर्गीय छेदीलाल कुर्रे, बिलासपुर जिले में खाद्य अधिकारी के पद पर पूर्णकालिक सेवा देकर सेवानिवृत हुए, आदरणीय चंद्रभान कुर्रे, ग्राम गोढ़ी में प्राचार्य के पद पर रहते हुए सेवानिवृत हुए, आदरणीय पवन कुर्रे पुलिस निरीक्षक रायपुर के पद पर पूर्णकालिक सेवा देकर सेवानिवृत हुए चौथे पुत्र आदरणीय राजकुमार कुर्रे वर्तमान में रायपुर में शिशु रोग विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत हैं / पुत्रीयों के संदर्भ में जानकारी अपर्याप्त है आपका परिवार नैतिक मूल्यों का उदाहरण है ।
आइये आप और हम,हमसब ऐसे महान विभूति महापुरुष को स्मरण, नमन करें 💐💐
