निर्देशक हरमेश मल्होत्रा और निर्माता गुलशन राय की इस अद्भुत कृति में श्रीदेवी ने “राजनी” यानी एक इच्छाधारी नागिन का किरदार निभाया जो अपने पति की मौत का बदला लेने के लिए इंसानी रूप धारण करती है। ऋषि कपूर ने “राजीव” का किरदार अदा किया — एक अमीर ज़मींदार का बेटा जो राजनी की मोहब्बत में गिरफ़्तार हो जाता है। अमरीश पुरी ने “भैरो नाथ” के रूप में ऐसा खलनायक जिया कि रूह काँप जाए। सहायक कलाकारों में प्रेम चोपड़ा, सुषमा सेठ और जगदीप भी शामिल थे।
कहानी उस वक़्त और गहरी हो जाती है जब भैरो नाथ राजनी की असली पहचान उजागर करता है क्योंकि उसे वो पवित्र “मणि” चाहिए जो राजनी के पास है। “मैं तेरी दुश्मन, दुश्मन तू मेरा” गाने पर श्रीदेवी का वो नाग-नृत्य आज भी रोंगटे खड़े कर देता है 🎭 फ़िल्म का बजट लगभग एक करोड़ रुपये के आसपास था और इसने बॉक्स ऑफ़िस पर तेरह करोड़ से ज़्यादा की कमाई की — उस ज़माने के लिहाज़ से यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी।
“नगीना” वो दौर था जब दूरदर्शन और रेडियो ही मनोरंजन के साधन थे। सिनेमाघरों के बाहर लम्बी-लम्बी क़तारें लगती थीं, बच्चे-बूढ़े सब श्रीदेवी की आँखों में खो जाते थे ✨ औरतों ने नागिन वाला मेकअप करना शुरू किया, बच्चे “मैं तेरी दुश्मन” गुनगुनाते स्कूल जाते थे। इस फ़िल्म ने श्रीदेवी को हिन्दी सिनेमा की पहली “नम्बर वन” अभिनेत्री बना दिया — यह वो ज़माना था जो दिलों में आज भी ज़िन्दा है 🌹
28 नवम्बर 1986 को परदे पर आई “नगीना” वो फ़िल्म थी जिसने पूरे हिन्दोस्तान को हिला कर रख दिया था
